बुधवार, 28 अप्रैल 2010
करो सच का सामना
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'सच' सचाई ही है जीवन का अमरात्कारी ।
'सच' का छोड़ा दमन है असहय्करी ।।
बिन 'सच' है मानव घोर अत्याचारी ।।।
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झूट सदेव 'सच' से पकड़ा जाता ।
'सच' की बात सुन झूट ही शोर मचाता ।।
सर्वथा 'सच' हई प्रकाश की तरह दुनिया में रोशन हो जाता ।।।
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'सच' सुख-सम्ब्राधी समान दिलाए ।
जीवन सच ही साथ निभाए ।।
सबके हित में 'सच' ही इतिहाश बन जाए ।।।
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'सच' सदा झूट से धोका खाता।
देर-सवेर सही 'सच' जीत दर्ज़ करता।।
'सच' सच है झूठ सहित कोई नकार पाटा।।।
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राहुल त्रिपाठी
शांती नगर,
बिल्हौर कानपूर
फोन-9305029350 ------------------------------------------------------------------------------------
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